देश में बढ़ती महंगाई के बीच CNG यानी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस आम लोगों के लिए एक सस्ता और सुविधाजनक ईंधन विकल्प बनकर उभरी है। ऑटो, टैक्सी, बस और निजी वाहनों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में CNG के दामों में होने वाला हर बदलाव सीधे लोगों के रोजमर्रा के खर्च को प्रभावित करता है। 19 मार्च 2026 को जारी नए रेट्स में देश के अलग-अलग शहरों में अलग-अलग स्थिति देखने को मिली है।
कीमत तय होने के पीछे के कारण
CNG की कीमत कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमत इसका सबसे बड़ा आधार होती है। इसके अलावा गैस के आयात, परिवहन, पाइपलाइन नेटवर्क और स्टोरेज का खर्च भी कीमत को प्रभावित करता है। हर राज्य में टैक्स और स्थानीय कंपनियों के शुल्क अलग-अलग होते हैं, जिसके कारण शहरों के हिसाब से CNG के दाम बदलते रहते हैं।
बड़े शहरों में स्थिरता से राहत
दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्र में CNG की कीमत स्थिर बनी हुई है और यह ₹77.09 प्रति किलो पर मिल रही है। मुंबई में भी कीमत ₹77.00 प्रति किलो पर कायम है। वहीं चेन्नई में CNG ₹91.50 प्रति किलो पर मिल रही है, जहां पहले से ही कीमतें अधिक हैं, लेकिन फिलहाल कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इन शहरों में स्थिरता से रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों को राहत मिली है।
कुछ शहरों में बढ़ोतरी का असर
हालांकि सभी शहरों में राहत नहीं है। बेंगलुरु में CNG की कीमत में लगभग ₹0.95 की बढ़ोतरी हुई है, जिससे नया रेट ₹89.95 प्रति किलो हो गया है। राजस्थान के कुछ शहरों में ₹1.50 तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हरियाणा के सोनीपत में भी कीमत बढ़कर ₹87.60 प्रति किलो पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन रोजाना वाहन चलाने वालों के लिए इसका असर साफ दिखाई देता है।
राज्यों के बीच कीमतों में अंतर
देशभर में CNG के दामों में काफी अंतर देखने को मिलता है। दिल्ली और महाराष्ट्र में कीमत लगभग ₹77 के आसपास है, जबकि कर्नाटक में यह करीब ₹89.95 तक पहुंच गई है। तेलंगाना में यह ₹96 प्रति किलो तक है और उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर में ₹98 से ₹99 प्रति किलो तक पहुंच जाती है। इस अंतर का मुख्य कारण परिवहन लागत और गैस सप्लाई नेटवर्क है।
आम लोगों के बजट पर प्रभाव
CNG की कीमतों में बदलाव का सबसे ज्यादा असर ऑटो और टैक्सी चालकों पर पड़ता है। कीमत बढ़ने पर वे किराया बढ़ाने की मांग करते हैं, जिससे यात्रियों का खर्च भी बढ़ता है। वहीं निजी वाहन मालिकों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण खर्च है, जो उनके मासिक बजट को प्रभावित करता है।
आने वाले समय की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में CNG की मांग और बढ़ेगी, खासकर उन शहरों में जहां प्रदूषण कम करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारी नीतियों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। CNG की कीमतें समय-समय पर बदल सकती हैं। सटीक और ताजा रेट जानने के लिए अपने स्थानीय गैस स्टेशन या आधिकारिक स्रोत से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।









